Friday, April 18, 2025

कुछ सही, कुछ ग़लत

वो गलत है, या मैं गलत हूं
ये सोचना ही गलत है
हर कोई अपनी नज़र में सही है
तो फिर गलत तो कोई भी नहीं है

बात तो सिर्फ इतनी सी है
के खुदी को बुलंद तो करो
पर खुद को खुदा न समझो
किसी दूसरे की भी सुनो
क्योंकि गलत तो कोई भी नहीं है

सिर्फ एक कदम बढ़ा के, सिर्फ एक हाथ बढ़ा के
सिर्फ एक आवाज शिद्दत से लगा के
सही गलत से थोड़ा आगे बढ़ के
खुद से थोड़ा हट के, किसी खुदा मान के तो देखो
क्योंकि गलत तो कोई भी नहीं है

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